खाद्य संरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 25 में यह विनिर्दिष्‍ट  है कि खाद्य वस्‍तुओं के सभी आयात पर अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे।  खाद्य वस्‍तुओं के आयात के लिए प्रक्रिया और अपेक्षाएं एफएसएस (आयात) विनियम, 2017 द्वारा विनियमित होते हैं। 

 एफएसएसएआई अधिनियम, 2006 और इसके अंतर्गत बनाए गए विनियमों में किए गए प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्‍चित करने के लिए   एफएसएसएआई के 6 स्‍थानों अर्थात चैन्‍नई, कोलकाता, मुम्‍बई, दिल्‍ली, कोचीन, तूतीकोरिन में इसके अधिकृत अधिकारी हैं, जिसके अंतर्गत प्रवेश के 21 केन्‍द्र आते हैं।  इसके अलावा, पूरे देश में 396 स्‍थान ऐसे हैं, जहां एफएसएसएआई द्वारा कस्‍टम अधिकारियों को प्राधिकृत अधिकारियों के रुप में अधिसूचित किया गया है।

एफएसएसएआई में खाद्य आयातों के क्‍लीयरेंस के लिए एक ऑनलाइन प्रणाली है, खाद्य आयात क्‍लीयरेंस प्रणाली (एफआईसीएस), जोकि   बिना किसी बाधा के स्‍वीफ्ट (सिंगल इंटरफेस फार फेसीलीटेटिंग ट्रेड) के अंतर्गत कस्‍टम आईस-गेट (इंडियन कस्‍टम इलैक्‍ट्रानिक कामर्स/इलेक्‍ट्रोनिक डाटा इंटरचेंज(ईसी/ईडीआई) गेटवे) के साथ एकीकृत किया गया है। एफएसएसएआई द्वारा किए गए जोखिम रुपरेखा के आधार पर खाद्य वस्‍तुओं की चयनात्‍मक सैम्‍पलिंग और परीक्षण का कार्यान्‍वयन कस्‍टम आईसगेट पर किया जाता है।   

कस्‍टम प्राधिकारियों द्वारा जब एफएसएसएआई को खाद्य वस्‍तुओं के क्‍लीयरेंस के लिए संदर्भित किया जाता है तो यह क्‍लीयरेंस दस्‍तावेज की जांच, दृष्‍टव्‍य निरीक्षण, नमूना लेने और परीक्षण करने के अध्‍याधीन होता है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि खाद्य वस्‍तुएं विभिन्‍न खाद्य सुरक्षा और मानक विनियमों के अंतर्गत स्‍थापित और विनिर्दिष्‍ट सुरक्षा और गुणवत्‍ता के अनुरुप हैं  या नहीं। यदि नमूने को अनुरुप पाया जाता है तो अनापत्‍ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है और यदि अनुरुप नहीं पाया जाता है तो गैर-अनुपालन रिपोर्ट  (एनसीआर) तैयार की जाती है।  प्रक्रिया की जानकारी के लिए यहां क्‍ल्‍िक करें external link